व्यापम घोटाला: कांग्रेस नेता पर …

भोपाल। मध्यप्रदेश के व्यापम भर्ती और एडमीशन घोटाले में हर रोज नए मोड़ आते जा रहे हैं। अब इसके छीटें केंद्रीय मंत्री उमा भारती पर पड़े हैं। कांग्रेस के आरोप लगाने के बाद इस मामले में पहली बार उमा भारती ने अपनी चुप्पी तोड़ी है, उनका कहना है कि पुलिस ये साफ कर चुकी है कि उनका नाम इस घोटाले में नहीं है। उधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले में आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेता के खिलाफ मानहानी का दावा ठोंकने का ऐलान किया है।मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार के सुशासन पर इतना बड़ा सवाल कभी नहीं खड़ा हुआ था, व्यापम भर्ती और एडमीशन घोटाले ने कांग्रेस को एक बड़ा हथियार दे दिया है, रविवार को व्यापम के दफ्तर के आगे प्रदर्शन कर रही कांग्रेस ने गधों को मिठाई खिलाई। इस तरह के कटाक्ष और आरोपों का वार केंद्रीय मंत्री उमा भारती भी झेल रही हैं, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि व्यापम के जरिए हुई संविदा शिक्षकों की नियुक्ति में 15 लोगों की सिफारिश केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने की थी। आखिरकार उमा भारती के दफ्तर की तरफ से बयान जारी हुआ, इसमें कहा गया कि कांग्रेस उमा भारती का नाम उछालकर भर्ती घोटाले को हल्का करने की कोशिश कर रही है, जबकि खुद उमा भारती ने इस मामले को चारा घोटाले से बड़ा बताया था और सीबीआई जांच की मांग की थी क्योंकि मामले के तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। यही नहीं उमा भारती ने 19 दिसंबर को बयान देने के लिए डीजीपी से वक्त मांगा था, लेकिन पुलिस ने साफ किया था कि उनका का नाम इस घोटाले में नहीं है।सवाल ये है कि इस पूरे मामले में अब तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रहस्यमय तरीके से चुप्पी क्यों साध रखी है, कांग्रेस का आरोप है कि इस घोटाले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ससुराल गोंदिया से 19 लोगों का परिवहन निरीक्षक के पद पर फर्जी तरीके से चयन हुआ है। कांग्रेस का आरोप है कि शिवराज सरकार इस मामले की जांच कराने में कोताही बरत रही है। व्यापम भर्ती और एडमीशन घोटाला दिन पर दिन और पैर पसारता जा रहा है, आरोप है कि इस घोटाले में 2008 से 2010 के बीच सरकारी नौकरियों में 1 हजार फर्जी भर्तियां की गई, यही नहीं पिछले छह सालों में मेडिकल कॉलेज में भी 1100 से ज्यादा फर्जी एडमीशन का शक है। इस मामले में अब तक एक पूर्व मंत्री, और पूर्व मंत्री के एक ओएसडी समेत सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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Source: राजनीति

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