Monthly Archives: June 2014

शिवसेना की अपील, इसके बाद ना बढ़े रेल

मुंबई। सरकार की सहयोगी शिवसेना ने बजट पूर्व रेल किराये और मालभाड़े में वृद्धि को स्वीकार तो लिया है, लेकिन उसने सरकार से आग्रह किया है कि यह वृद्धि अंतिम होनी चाहिए। पार्टी के मुख-पत्र ‘सामना’ के संपादकीय में रेल किराया वृद्धि पर बेबाकी से राय जाहिर की गई है और कहा गया है कि राजग के प्रमुख घटक भारतीय जनता पार्टी ने विपक्षी दलों के हाथों में हथियार सौंप दिए हैं।गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने बजट पूर्व यात्री किराये और मालभाड़े में 14.2 फीसदी की वृद्धि की है जिसका असर मुंबईवासियों पर भी पड़ेगा, जिन्हें मासिक व त्रैमासिक टिकट पर दोगुना से ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा। रेलवे ने हालांकि, किराया वृद्धि को जायज ठहराते हुए कहा है कि देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक उद्यम 28,000 करोड़ रुपये प्रति साल घाटा सह रहा है और इसकी पूर्ति किराये में वृद्धि से की जा सकती है।संपादकीय में कहा गया है कि सरकार कहती है कि यह कदम सुरक्षित व आरामदायक यात्रा की सुविधा देने के लिए उठाया गया है, लेकिन जनता और विपक्षी दल सरकार के इस तर्क से सहमत नहीं हैं। संपादकीय के अनुसार, यूरोप, रूस और अमेरिका जैसे विकसित देशों की रेल व्यवस्था की तुलना में हमारी रेल ‘खतरा गाड़ी’ है। हमारे रेलवे स्टेशन, रेलवे पटरी सिग्नल खतरनाक अवस्था में हैं। भीड़ बढ़ गई है, लेकिन नए मार्ग नहीं बने हैं और जो ब्रिटिश बना कर गए हैं, हम उस पर भार बढ़ा रहे हैं।संपादकीय में कहा गया है कि गत 15-20 सालों में रेल मंत्रियों ने रेल विभाग को सिर्फ लूटा है। कांग्रेस के पी.के.बंसल के रिश्तेदार रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए और सिर्फ कमीशन के लिए रेल के बड़े ठेके दे दिए गए। संपादकीय के मुताबिक, इस वजह से दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोग मर रहे हैं, लेकिन हर रेल बजट ने, शासकों ने जनता को सपने दिखाए हैं। लोग सुविधाएं चाहते हैं और इसके लिए पैसा देने को तैयार हैं – यह पैसा नेताओं के विकास के लिए नहीं है। इस किराया वृद्धि से जो जनता बेजार महसूस कर रही है, अब हिसाब मांगेगी।शिवसेना ने कहा कि अगर यह किराया वृद्धि कांग्रेस ने की होती तो, विपक्ष आलोचनाओं और अपशब्दों की बौछार कर देता। अब जब वही विपक्ष बहुमत के साथ सत्ता में है, उसे इस पर आत्मविश्लेषण करना चाहिए और रेलवे के सुधार की दिशा में काम करना चाहिए।

Source: राजनीति

10 जुलाई को पेश होगा बजट

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र की शुरुआत 7 जुलाई से होगी। ये सत्र 7 जुलाई से 14 अगस्त तक चलेगा। इसी सत्र में मोदी सरकार का पहला आम बजट 10 जुलाई को पेश होगा, वहीं इससे ठीक 2 दिन पहले यानी 8 जुलाई को देश के रेल मंत्री सदानंद गौडा रेल बजट पेश करेंगे। ये मोदी सरकार का पहला रेल और आम बजट होगा। गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की संसदीय मामलों की समिति की हुई बैठक में बजट सत्र के कार्यक्रम को अंतिम रुप दिया गया। इसके अनुरूप आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट 9 जुलाई को रखी जाएगी। पिछली सरकार ने जो लेखानुदान पारित कराया था उसकी अवधि 31 जुलाई को समाप्त हो रही है इसलिए उससे पहले नए बजट को पारित कराना जरूरी था।मोदी सरकार का ये पहला बजट है जाहिर लोगों को उनसे उम्मीदें भी काफी है। अब देखना होगा इस बजट में आम लोगों को क्या मिलता है। वहीं रेल बजट के पहले ट्रेन किराए में बढ़ोतरी से लोग वैसे ही नाराज है। अब देखना होगा कि 8 जुलाई को पेश होने वाले रेल बजट में और क्या सामने आता है।


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शिवराज की सफाई, विपक्ष ने मांगा …

नई दिल्ली। व्घोटाले के चक्रव्यूह में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुरी तरह घिरे नजर आ रहे हैं। उनकी कैबिनेट का एक पूर्व मंत्री हाईकोर्ट की निगरानी में जांच कर रही एसटीएफ के हत्थे चढ़ चुके हैं तो उनके पूर्व सहायक प्रेम प्रसाद का नाम भी आ गया है। विपक्ष शिवराज का इस्तीफा मांग रहा है। इसी बीच शिवराज सिंह चौहान ने सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि इस घोटाले में उनके परिवार का नाम उछालना गलत है और वो इस मामले में मानहानि का केस करने की तैयारी में हैं। इसके पहले भर्ती घोटाले में परिवार पर कांग्रेस के आरोपों को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ट्विटर के जरिए सफाई दी है। उन्होंने लिखा है कि मेरी पत्नी के किसी रिश्तेदार की भर्ती व्यापम के जरिए नहीं हुई है। इतनी ही नहीं महाराष्ट्र से एक भी उम्मीदवार की बहाली नहीं हुई है।दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से एमपी सरकार पर लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा, एमबीबीएस में हुए सभी दाखिलों और नियुक्तियों की जांच होनी चाहिए। अब शक की सुई मुख्यमंत्री पर अटकी हुई है। अभी तक बीजेपी और आरएसएस की ओर से कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई है।कांग्रेस नेता के.के. मिश्रा ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि इतना बड़ा महाघोटाला बिना किसी संरक्षण के नहीं हो सकता है। मुख्यमंत्री अगर विचलित हैं तो वो इसकी निष्पक्ष जांच करा लें। मैं अपने आरोप पर अडिग हूं। अभी मैं कुछ और लोगों के नाम बताऊंगा। अगर मेरे आरोप सही नहीं है, तो लक्ष्मीकांत शर्मा का नारको टेस्ट करा लें, सब सच सामने आ जाएगा। मुख्यमंत्री मेरे ऊपर जिनते चाहें मानहानी के मुकदमें कर लें मैं दो दिन बाद फिर कुछ बताऊंगा। पीएससी के अगर तार खुल गए तो मुख्यमंत्री जी के परिवार के लोग कितने डीएसपी बने हैं, ये पता चल जाएगा। शिवराज का राज चल रहा है, अगर डिफेमेशन है तो मुझे गिरफ्तार कर लें। उनके परिवार के लोग किस किस धंधे में शामिल हैं।जेडीयू नेता अली अनवर ने कहा कि इसमें जल्द से जल्द जांच होनी चाहिए। उमा भारती ने ख़ुद कहा है कि जांच करा लो। लेकिन अगर सीबीआई जांच करती है वो खुद आगे जाकर कंट्रोवर्शियल हो जाता है। सही मायने में जांच होनी चाहिए क्योंकि अगर किसी और पार्टी का नाम आता तो बीजेपी तमाम लोगों के इस्तीफे मांग लेती।सीपीआई नेता डी राजा ने कहा कि यह अब तक हुए घोटालों से ज्यादा खराब घोटाला है। इस घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।अतुल अंजान ने कहा कि जो इमानदारी का तमगा लगाकर घूम रहे थे उनपर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। शिक्षा घोटाले में कई लोग फंस रहे हैं। बिना पैसे लिए कोई भर्ती नहीं हुई है। अब सच्चाई सामने हैं। ना बीजेपी कुछ बोल रही है और ना ही पीएम कुछ बोल रहे हैं। मध्यप्रदेश के अंदर इस तरह के भ्रष्टाचार बतलाते हैं कि बीजेपी और भ्रष्टाचार का रिश्ता निकटता का रिश्ता है। यूपी में जो रेप हो रहे हैं उसके खिलाफ बीजेपी महिला मोर्चा सड़कों पर हल्ला मचाया और राजनीतिकरण किया गया। वहीं निहालचंद पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। राजस्थान और मध्यप्रदेश में रेप पर कुछ भी नहीं बोल रही हैं।वहीं बीजेपी शिवराज पर लग रहे आरोपों का बचाव कर रही है। बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कांग्रेस किच किच का किचन है, हर दिन एक कहानी पकाते है और हार के बाद भी नकारात्मक राजनीति से बाज नहीं आ रहे है।सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत ने कांग्रेस के आरोपों पर शिवराज का बचाव करते हुए कहा कि शिवराज पर लगे आरोप निराधार हैं। शिवराज ने खुद कहा है कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। लोकसभा चुनाव में हुई करारी हार से कांग्रेस निराश है। इसी निराशा की वजह से कांग्रेस ऐसे आरोप लगा रही है। मुख्यमंत्री ने जो भी कहा है वो प्रामाणिक है।व्यापम घोटाला में संघ के करीबी नेताओं के नाम
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ब्लैक मनी पर स्विस बैंक से कोई …





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नई दिल्ली। स्विस बैंक में जमा भारतीयों की ब्लैक मनी पर आज वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि स्विट्जरलैंड सरकार की तरफ से अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है जैसा मीडिया में दिखाया जा रहा है। लेकिन अब भारत सरकार अपनी तरफ से पहल करके स्विस बैंक से संपर्क करेगा।जेटली ने कहा कि अभी तक स्विस बैंक की तरफ से किसी तरह की औपचारिक जानकारी नहीं मिली है। अब स्विस बैंक को चिट्ठी लिखी जाएगी। ताकि स्विस बैंक जिन भारतीयों की सूची तैयार कर रहा है उनकी जानकारी मिल सके। गौरतलब है कि ऐसी खबरें आ रहीं थी कि स्विट्जरलैंड काले धन पर भारतीयों की एक सूची तैयार कर रहा है। इस सूची में स्विस बैंक के उन भारतीयों खाताधारकों का नाम है जिन पर वहां काला धन जमा कराने की शक है।काला धन: भारतीयों की सूची तैयार कर रहा स्विट्जरलैंड


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व्यापम घोटाला: कांग्रेस नेता पर …

भोपाल। मध्यप्रदेश के व्यापम भर्ती और एडमीशन घोटाले में हर रोज नए मोड़ आते जा रहे हैं। अब इसके छीटें केंद्रीय मंत्री उमा भारती पर पड़े हैं। कांग्रेस के आरोप लगाने के बाद इस मामले में पहली बार उमा भारती ने अपनी चुप्पी तोड़ी है, उनका कहना है कि पुलिस ये साफ कर चुकी है कि उनका नाम इस घोटाले में नहीं है। उधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले में आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेता के खिलाफ मानहानी का दावा ठोंकने का ऐलान किया है।मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार के सुशासन पर इतना बड़ा सवाल कभी नहीं खड़ा हुआ था, व्यापम भर्ती और एडमीशन घोटाले ने कांग्रेस को एक बड़ा हथियार दे दिया है, रविवार को व्यापम के दफ्तर के आगे प्रदर्शन कर रही कांग्रेस ने गधों को मिठाई खिलाई। इस तरह के कटाक्ष और आरोपों का वार केंद्रीय मंत्री उमा भारती भी झेल रही हैं, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि व्यापम के जरिए हुई संविदा शिक्षकों की नियुक्ति में 15 लोगों की सिफारिश केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने की थी। आखिरकार उमा भारती के दफ्तर की तरफ से बयान जारी हुआ, इसमें कहा गया कि कांग्रेस उमा भारती का नाम उछालकर भर्ती घोटाले को हल्का करने की कोशिश कर रही है, जबकि खुद उमा भारती ने इस मामले को चारा घोटाले से बड़ा बताया था और सीबीआई जांच की मांग की थी क्योंकि मामले के तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। यही नहीं उमा भारती ने 19 दिसंबर को बयान देने के लिए डीजीपी से वक्त मांगा था, लेकिन पुलिस ने साफ किया था कि उनका का नाम इस घोटाले में नहीं है।सवाल ये है कि इस पूरे मामले में अब तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रहस्यमय तरीके से चुप्पी क्यों साध रखी है, कांग्रेस का आरोप है कि इस घोटाले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ससुराल गोंदिया से 19 लोगों का परिवहन निरीक्षक के पद पर फर्जी तरीके से चयन हुआ है। कांग्रेस का आरोप है कि शिवराज सरकार इस मामले की जांच कराने में कोताही बरत रही है। व्यापम भर्ती और एडमीशन घोटाला दिन पर दिन और पैर पसारता जा रहा है, आरोप है कि इस घोटाले में 2008 से 2010 के बीच सरकारी नौकरियों में 1 हजार फर्जी भर्तियां की गई, यही नहीं पिछले छह सालों में मेडिकल कॉलेज में भी 1100 से ज्यादा फर्जी एडमीशन का शक है। इस मामले में अब तक एक पूर्व मंत्री, और पूर्व मंत्री के एक ओएसडी समेत सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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अच्छे दिन लाने के लिए रेल भाड़े में …

अच्छे दिन लाने के लिए रेल भाड़े में इजाफा: गौड़ा

 

रेल मंत्री सदानंद गौड़ा का कहना है कि बीजेपी ने अच्छे दिन लाने का वादा किया था। तो अच्छे दिन लाने के लिए ही रेल किराए में बढ़ोतरी की गई है। वीडियो देखें।

 

Source: राजनीति

उद्धव की पीएम से अपील, कम करें रेल …

मुंबई। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री से मुलाकात कर रेल किराए में बढोत्तरी को वापिस लेने की गुहार लगाएंगे। संवाददाताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जल्द मुलाकात कर रेल किराए को न बढ़ाने के लिए आग्रह करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि यह बढ़ोत्तरी वापिस लेना संभव न हुआ तो इसे घटाने के लिए कहा जाएगा। ठाकरे ने केंद्र सरकार से मांग की कि यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए। 21 जून को केंद्र सरकार ने रेलवे के यात्री किराये और माल भाड़े में भारी बढ़ोतरी करने का ऐलान किया था। यात्री किराये में 14.2 फीसदी और माल भाड़े में 6.5 फीसदी बढ़ोतरी का ऐलान किया गया।यह बढ़ा किराया 25 जून से प्रभावी होना है। रेल किराये में बढ़ोतरी के फैसले के बाद से ही पूरे देश में एनडीए सरकार और पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है। यूपी, दिल्ली समेत कई राज्यों में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दल लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।


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Source: राजनीति

पिछली सरकार का ठीकरा हमपर न फोड़ें: …

पिछली सरकार का ठीकरा हमपर न फोड़ें: रविशंकर : IBNKhabar – IBN Khabar














आईबीएन-7 | Sat, Jun 21, 2014 at 21:15

आईबीएन7 के खास कार्यक्रम हॉट सीट में नेशनल एडिटर भूपेंद्र चौबे के सामने इस बार थे कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद।



Source: राजनीति